कविता अभिव्यक्ति है भावनाओं की, संवेदनाओं की, कामनाओं की, कल्पनाओं की, वेदनाओं की, व्यथाओं की। इसे परिभाषित न करो इसको बंदिशों में न बांधो कवि के मनोभाव को देखो परिवेश को भी समझो। कविता परिणीति है, कविता अभिव्यक्ति है, स्वप्न श्रृंखलाओं की, प्रेमी-प्रेमिकाओं की। -वीरेंद्र "अजनबी" 🆚