कि-012 आप अपनी बदकिस्मती

आप अपनी बदकिस्मती से लड़ नहीं सकते,
इसलिए उस पर रोना-धोना बेकार है।
दग़ाबाज़ को तुम भरोसेमंद बना नहीं सकते,
इसलिए उससे कोई गिला-शिकवा बेकार है।
सारे जहां को हमदर्द दोस्त बना नहीं सकते,
इसलिए हर किसी से उम्मीदे-वफ़ा बेकार है।

-वीरेंद्र "अजनबी" 🆚

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