मु-011 किनारा भले ही

किनारा भले ही कर ले 'वो',
पर बात उससे अब भी होती है।
पहले होती थी दोनों तरफ से,
अब बस इकतरफ़ा ही होती है।

-वीरेंद्र "अजनबी"  -🆚

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