शे-042 तुम तो यूंही उदास

तुम तो यूंही उदास हो गए हो इस फ़ौरी अंधेरे से,
हमें देखो मायूस ज़िंदगी को गुज़ारा खिले चेहरे से।

-वीरेंद्र "अजनबी" 🆚

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