क-002 कविता अभिव्यक्ति है
कविता अभिव्यक्ति है
भावनाओं की, संवेदनाओं की,
कामनाओं की, कल्पनाओं की,
वेदनाओं की, व्यथाओं की।
भावनाओं की, संवेदनाओं की,
कामनाओं की, कल्पनाओं की,
वेदनाओं की, व्यथाओं की।
इसे परिभाषित न करो
इसको बंदिशों में न बांधो
कवि के मनोभाव को देखो
परिवेश को भी समझो।
कविता परिणीति है, कविता अभिव्यक्ति है,
स्वप्न श्रृंखलाओं की, प्रेमी-प्रेमिकाओं की।
-वीरेंद्र "अजनबी" 🆚
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