पं-023 बीते हुए दिनों में

 
बीते हुए दिनों में कुछ न कुछ बात तो होगी,
वरना इंसान को बीते वक़्त की याद आती क्यों।

-वीरेंद्र "अजनबी"

Comments

Popular posts from this blog