शे-063 तुम्हारी तरह अब मैं भी

तुम्हारी तरह अब मैं भी भूल गया हूँ तुम्हे,
मुझे भी अब बस तुम्हारी यादें ही पसंद हैं।
-वीरेंद्र "अजनबी"

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