पं-019 जाने आज मुझे

जाने आज मुझे ये क्या हुआ है, "अजनबी",
नसीब से बैर करके मैं ख़ुश होना चाह रहा हूं।

-वीरेंद्र "अजनबी"

Comments

Popular posts from this blog