पं-018 अपनों के दिये ज़ख्म Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 18, 2025 अपनों के दिये ज़ख्म भूलने की चीज़ नहीं,पर बेबस इंसाँ क्या करे, भुलाना पड़ता है।-वीरेंद्र °अजनबी" Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
पं-020 मालिक ने तो दिया January 10, 2026 मालिक ने तो दिया था इंसाँ को बस एक ही रंग, पर उसने बदलके दिखा दिए मुख़्तलिफ़ से कई रंग। -वीरेंद्र "अजनबी" Read more
शे-062 कहने को तो यहां September 08, 2025 कहने को तो यहां हर कोई एक दूसरे पर मरा करता है, हक़ीक़त में मगर हरेक अपना अपना ही देखा करता है। -वीरेंद्र "अजनबी" Read more
शे-063 तुम्हारी तरह अब मैं भी October 09, 2025 तुम्हारी तरह अब मैं भी भूल गया हूँ तुम्हे, मुझे भी अब बस तुम्हारी यादें ही पसंद हैं। -वीरेंद्र "अजनबी" Read more
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