पं-017 ज़िंदगी को खुश बनाने

ज़िंदगी को ख़ुश बनाने के लिए एक दोस्त ही काफ़ी है,

दोस्ती से नफ़रत कराने को भी एक दोस्त ही काफ़ी है।

-वीरेंद्र "अजनबी"

Comments

Popular posts from this blog