शे-068 याददाश्त दुरुस्त बादाम
याददाश्त दुरुस्त बादाम खाने से नहीं,
धोखे खाने से होती है।
मोहब्बत की आज़माइश मिलने से नहीं,
बिछुड़ जाने से होती है।
-वीरेन्द्र "अजनबी"
धोखे खाने से होती है।
मोहब्बत की आज़माइश मिलने से नहीं,
बिछुड़ जाने से होती है।
-वीरेन्द्र "अजनबी"
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