मु-021 अत्यंत संवेदनशील

अत्यंत संवेदनशील और भावुक रहता था,

ज़माने को देखके क्या से क्या हो गया हूँ मैं।

मैं भी क्यों रहूं कुछ अलग सा, "अजनबी",

बस यही सोचके ढीठ और बेहया हो गया हूँ मैं।


-वीरेंद्र "अजनबी"


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