मु-019 मैं भी अजब इंसाँ हूँ

मैं भी अजब इंसाँन हूँ, 
तजुर्बे ही करता जाता हूँ,
बस तजुर्बे पर तजुर्बे,
कोई इब्रत ली नहीं मैंने।

-वीरेंद्र "अजनबी"

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