कि-016 सिर्फ़ दरीचों से

सिर्फ़ दरीचों से काम न चलाओ,
बंद ना रखा करो मुकम्मल दरवाज़े।
आमोदरफ़्त बनाये रक्खो जनाब,
अच्छे नहीं होते मुक़फ़्फ़ल दरवाज़े।
-वीरेंद्र "अजनबी"

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