कि-015 जवानी की कद्र

जवानी की सही कद्र बुढ़ापे में होती है,
रिश्तों की कद्र रिश्ते ख़त्म जाने पे होती है।
घमंडी का घमंड तोड़ना आसान नहीं है,
यह ताक़त तो सिर्फ़ आईने में होती है।
-वीरेंद्र "अजनबी"

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