शे-058 मुस्कुरा के पिता हूँ



मुस्कुरा के पीता हूं, रोने वालों में से नहीं हूँ,
होशवालों यह न समझना मैं दर्द में नहीं हूँ। 
-वीरेंद्र "अजनबी"

Comments

Popular posts from this blog