मु-016 बड़ी ग़फ़लत


बड़ी ग़फ़लत में हैं लोग, 
बड़े ही बे-ख़बर हैं लोग,
आंखें मूंदे हैं कबूतर की भांति,
ख़तरे को नहीं भांपते हैं लोग।
-वीरेंद्र "अजनबी"

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