पं-009 सफर में हमकदम

सफ़र में हमकदम हो न सके, हमसे आगे निकल गए आप।

हम सिमट गए सलीकों में, दायरों से बाहर निकल गए आप।

-वीरेंद्र "अजनबी"


Comments

Popular posts from this blog