मु- 015 एक दिन तो होगा ही

एक दिन तो होगा ही घमंड चूर,
तभी होगा पाला हुआ भरम दूर,
मुग़ालते  पाल के चढ़े आसमान,
पर ज़मीं पर आए सभी मग़रूर।

-वीरेंद्र "अजनबी"

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