शे-044 काश के बेवफ़ा

काश के बेवफ़ा अपनी यादें भी समेट ले जाया करते,

कम से कम वो हमारे ज़हन से निकल तो जाया करते।


-वीरेंद्र "अजनबी" 🆚

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