मु-014 जब हम ख़ुदसे

जब हम ख़ुदसे गुफ्तगू किया करते हैं,
ऐसे हालात को तन्हाई कहा करते हैं।
किसी ख़ुशी की आरज़ू रही नहीं हमे,
हम बस ग़मों में ही ख़ुश रहा करते हैं।

-वीरेंद्र "अजनबी" 🆚

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