शे-034 दिल को अब

दिल को अब दर्द के बगैर सुकूँ ज़रा नहीं मिलता,
रहता है बेचैन गर इसे कोई दर्द नया नहीं मिलता।

-वीरेंद्र "अजनबी"

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