कि-006 तुम्हे याद करना
तुम्हे याद करना भी ज़रूरी है,
मगर क्या करूँ भूलना भी ज़रूरी है।
तुम बिन ज़िंदगी हो गई है वीराँ,
पर क्या करूँ इसे जीना भी ज़रूरी है।
-🆚"Ajnabi"
मगर क्या करूँ भूलना भी ज़रूरी है।
तुम बिन ज़िंदगी हो गई है वीराँ,
पर क्या करूँ इसे जीना भी ज़रूरी है।
-🆚"Ajnabi"
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