कि-001 बड़ा चौकस रहने
बड़ा चौकस रहने लगा है अब ये दिल,
कि फिर कोई दोस्ती का हाथ न बढ़ा दे।
बामुश्किल हुई है आदत अकेलेपन की,
फिर कोई दोस्ती की आदत न लगा दे।
कि फिर कोई दोस्ती का हाथ न बढ़ा दे।
बामुश्किल हुई है आदत अकेलेपन की,
फिर कोई दोस्ती की आदत न लगा दे।
-🆚 "अजनबी" कि-001
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