मु-001क्यों डरता हूँ

क्यों डरता हूँ मैं तुम्हे खोने से,
जबकि मैंने तुम्हे पाया ही नहीं?
तुम क्या जानो विरह की पीड़ा,
अभी तुमने मुझे खोया ही नहीं?

"वीरेंद्र अजनबी"

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