शे-062 कहने को तो यहां Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps September 08, 2025 कहने को तो यहां हर कोई एक दूसरे पर मरा करता है, हक़ीक़त में मगर हरेक अपना अपना ही देखा करता है। -वीरेंद्र "अजनबी" Read more
शे-061 कहने को तो Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps September 08, 2025 कहने को तो यहां हर कोई एक दूसरे पर मरा करता है, हक़ीक़त में मगर हरेक अपना अपना ही देखा करता है। -वीरेंद्र "अजनबी" Read more
मु-017 जब कोई मुसीबत Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps September 08, 2025 जब कोई मुसीबत खुद पर ढह जाती है, आदर्शवादिता धरी की धरी रह जाती है। औरों में ऐब ही ऐब नज़र आने लगते हैं, जब किसी की किसी से तबियत भर जाती है। -वीरेंद्र "अजनबी" Read more
शे-060 चंद दिनों में ही Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps September 08, 2025 चंद दिनों में ही अपनी सी पे आगई ज़िन्दगी अपनी, मुकम्मल सी जो हमे लगने लगी थी ज़िन्दगी अपनी। -वीरेंद्र "अजनबी" Read more