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Showing posts from January, 2025

कि-008 लोग जो खूबसूरत

लोग जो खूबसूरत तो कतई होते नहीं, पर फिर भी मुझे बहुत अच्छे लगते हैं। जज़्बातो-एहसास तो जिनमे होते नहीं, पर नाज़ो-नख़रे उनमें बला के होते हैं। -🆚"Ajnabi"

त्रि-002 मुझे वो लोग भी

मुझे वो लोग भी अच्छे लगते हैं, जो खूबसूरत तो कतई नहीं होते, पर नाज़ नख़रे कमाल के रखते हैं। -🆚"Ajnabi"

शे-027 जबसे मिला हूँ तुमसे

जबसे मिला हूँ तुमसे, नशा है कि उतरा नहीं। उतरेगा भी कैसे ये हुस्न का है शराब का नहीं। -🆚"Ajnabi"

शे-026 छोड़ दे सारे ग़म

छोड़ दे सारे ग़म, और गिले शिकवे इस साल में, ये समझ, कितनों के नसीब में ये साल था ही नहीं। -🆚"Ajnabi"

शे-025 मुझे और न दो

मुझे और न दो यारों तुम दुआएं नए साल की, बेअसर पड़ी हैं तुम्हारी दुआएं पिछले साल की।  

शे-024 अचानक से ये

अचानक से ये उजाला क्यों तेज़ हुआ है, बुझने से पहले चराग़ क्या भड़क गया है?

शे-023 ज़िद न करो तुम

ज़िद न करो तुम मुझसे नफ़रत करने की, मुझमें मेरा कुछ नहीं सिर्फ़ तुम्ही समाए हो। -🆚"Ajnabi"

शे-022 बेवफा लोगों के संग

बेवफ़ा लोगों के संग  बेवफ़ाई अच्छी है, मतलबियों की भीड़ से तन्हाई अच्छी है, -🆚"Ajnabi"